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क्या यह दुनिया वास्तविक है?Keywords- , काश्मीरी शैविस्म, दुनिया, वास्तविक, शंकराचार्य, ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या, मिथ्या वाद,

क्या यह दुनिया वास्तविक   है ? मनुष्य के   जीवन मे अशान्ति है। वह ज्यादा पैसे चाहता है , सुख़ - समृद्धि चाहता है , लेक़िन पा नहीं सक़ता। स्वस्थ रहना चाहता है। क़्या रह पाता है ?                      इन सब प्रश्नों क़े समाधान क़े रूप मे श्री शंकराचार्य कहते है   ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या जीवो ब्रह्मैव नाऽपरः इसका मतलब है - ब्रह्म सत्य है                           जगत ( दुनिया ) मिथ्या है                          जीव ब्रह्म ही है अन्य नही श्री शंकराचार्य केवल परब्रह्म को सच मानते हैं। उनके मत मे यह दुनिया मिथ्या है।        ...